New Post

Shri Khatu Shyam Aarti : क्या आप जानते हैं ‘शीश के दानी’ की आरती का सही मतलब? (व्याख्या सहित)

shri khatu shyam ji aarti with meaning

॥ श्री खाटू श्याम जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ कलयुग के प्रत्यक्ष देव और ‘हारे का सहारा’ कहे जाने वाले भगवान श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) Shri Khatu Shyam जी की आरती का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं। अक्सर …

Read More »

शुक्र चालीसा (Shukra Chalisa): संपूर्ण पाठ, सरल भावार्थ और महत्व

शुक्र चालीसा (Shukra Chalisa) शुक्र चालीसा क्या है? शुक्र चालीसा शुक्र देव की स्तुति और प्रार्थना का भक्तिपूर्ण पाठ है। इसमें शुक्र देव के सुंदर, शांत और कृपा करने वाले स्वरूप का वर्णन किया गया है। साथ ही उनसे जीवन के कष्ट दूर करने, सुख-शांति देने, अच्छी समझ देने और …

Read More »

Shani Dev Ki Aarti: आरती की हर लाइन का असली मतलब जानकर हैरान रह जाएंगे! (श्री शनिदेव आरती भावार्थ)

Complete Aarti of Lord Shani Dev Ji

॥ श्री शनिदेव जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ भगवान शनिदेव को नवग्रहों में न्यायधीश और कर्मफल दाता का स्थान प्राप्त है। अक्सर आरती गाते समय (Shani Dev Ki Aarti) कई प्राचीन और अवधी शब्दों का अर्थ स्पष्ट नहीं होता। यहाँ श्री शनिदेव जी की संपूर्ण आरती, …

Read More »

Hanuman Chalisa Arth Sahit: क्या आप गलत पढ़ रहे हैं? जानिए 40 चौपाइयों का असली अर्थ और रहस्य!

Hanuman Chalisa का महत्व और भावार्थ सरल भाषा में

संक्षेप में: श्री हनुमान चालीसा 16वीं शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 40 चौपाइयों और 3 दोहों का एक अत्यंत शक्तिशाली भक्ति स्तोत्र है। इसके नित्य पाठ से भय, संकट, रोग और ग्रह दोषों का निवारण होता है। सनातन धर्म में भगवान हनुमान जी को ‘कलयुग के जाग्रत देव’ …

Read More »

Chalisa Kya Hai? चालीसा में 40 लाइनें ही क्यों होती हैं? जानिए इसका रहस्य और इतिहास!

एक महिला मंदिर में बैठकर श्रद्धापूर्वक चालीसा की पुस्तक पढ़ रही है - चालीसा (chalisa) क्या है पिलर पोस्ट हेडर इमेज

संक्षेप में: चालीसा (Chalisa) का अर्थ 40 चौपाइयों में रचित भक्ति स्तुति है। इसकी शुरुआत 16वीं सदी में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री हनुमान चालीसा से हुई थी। यह जनभाषा में रचित ईश्वर से जुड़ने का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है। सनातन परंपरा में देवी-देवताओं की उपासना के …

Read More »

श्री सूर्य देव चालीसा (Surya Dev Chalisa): संपूर्ण पाठ, शब्दार्थ और भावार्थ

श्री सूर्य देव चालीसा – सूर्यदेव के दिव्य रथ और सात अश्वों का चित्र

श्री सूर्य देव चालीसा (Shri Surya Dev Chalisa) सूर्य चालीसा क्या है? श्री सूर्य देव चालीसा भगवान सूर्यदेव की महिमा, तेज, प्रकाश और दिव्य स्वरूप का वर्णन करने वाला भक्तिपूर्ण पाठ है। इसमें सूर्यदेव के अनेक पावन नामों के साथ उनके रथ, सात अश्वों, सारथी अरुण और उनकी सर्वव्यापी प्रकाशमय …

Read More »

श्री शनि चालीसा (Shani Chalisa) | संपूर्ण पाठ और सरल भावार्थ

शनि चालीसा भावार्थ सहित - Shani Chalisa with Hindi meaning

शनि चालीसा क्या है? | What is Shani Chalisa? शनि चालीसा शनिदेव की स्तुति और भक्ति का एक प्रसिद्ध पाठ है। इसमें शनिदेव के विभिन्न नाम, उनके स्वरूप, महिमा और उनसे जुड़े पौराणिक प्रसंगों का वर्णन मिलता है। भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करके शनिदेव का स्मरण …

Read More »

झूलेलाल जी की आरती | Jhulelal Ji Ki Aarti | ॐ जय दूलह देवा

jhulelal aarti

॥ झूलेलाल जी की आरती ॥ ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली। दान वठन सभु दिलि, सां कोन दिठुभ खाली॥ ॐ जय दूलह देवा…॥ अंधड़नि खे दिनव, अखडियूँ – दुखियनि खे दारुं। पाए …

Read More »

भगवान श्री गणेश जी की आरती – अर्थ सहित | Shri Ganesh Ji Ki Aarti

bhagwan ganesh ji ki aarti

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ सरल भावार्थ: हे देवों के देव श्री गणेश जी, आपकी सदा ही जय-जयकार हो। आपकी माता साक्षात माता पार्वती हैं और आपके पिता देवाधिदेव महादेव शिव जी हैं। हम आपको बारंबार प्रणाम करते हैं। एक दंत दयावंत, चार …

Read More »

शिव आरती का सरल हिंदी अर्थ: जानिए हर पंक्ति का असली राज

Aarti of Lord Shiva

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव…॥ अर्थ: हे ओंकार स्वरूप भगवान शिव, आपकी जय हो। आप ही ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव के रूप में संपूर्ण जगत में व्याप्त हैं और अपने अर्द्धनारीश्वर रूप में माता पार्वती को धारण किए हुए …

Read More »