॥ श्री बृहस्पति देव चालीसा: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ नवग्रहों में देवताओं के पूज्य गुरु और ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा, विवाह तथा सुख-समृद्धि के अधिष्ठाता देव बृहस्पति देव (गुरु ग्रह) हैं। कुंडली में गुरु दोष शांति, वैवाहिक बाधा दूर करने और बुद्धि-विवेक की प्राप्ति के लिए गुरुवार के दिन …
Read More »Shri Khatu Shyam Aarti : क्या आप जानते हैं ‘शीश के दानी’ की आरती का सही मतलब? (व्याख्या सहित)
॥ श्री खाटू श्याम जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ कलयुग के प्रत्यक्ष देव और ‘हारे का सहारा’ कहे जाने वाले भगवान श्री खाटू श्याम जी (बर्बरीक) Shri Khatu Shyam जी की आरती का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं। अक्सर …
Read More »शुक्र चालीसा (Shukra Chalisa): संपूर्ण पाठ, सरल भावार्थ और महत्व
॥ श्री शुक्र देव चालीसा: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ नवग्रहों में असुरों के परम ज्ञानी गुरु और भौतिक सुख, धन-वैभव, ऐश्वर्य, कला तथा वैवाहिक प्रेम के स्वामी भगवान शुक्र देव (शुक्राचार्य) हैं। कुंडली में शुक्र ग्रह की अनुकूलता से मनुष्य को हर प्रकार का सांसारिक सुख प्राप्त होता …
Read More »Shani Dev Ki Aarti: आरती की हर लाइन का असली मतलब जानकर हैरान रह जाएंगे! (श्री शनिदेव आरती भावार्थ)
॥ श्री शनिदेव जी की आरती: सटीक शब्दार्थ एवं भावार्थ सहित ॥ भगवान शनिदेव को नवग्रहों में न्यायधीश और कर्मफल दाता का स्थान प्राप्त है। अक्सर आरती गाते समय (Shani Dev Ki Aarti) कई प्राचीन और अवधी शब्दों का अर्थ स्पष्ट नहीं होता। यहाँ श्री शनिदेव जी की संपूर्ण आरती, …
Read More »Hanuman Chalisa Arth Sahit: क्या आप गलत पढ़ रहे हैं? जानिए 40 चौपाइयों का असली अर्थ और रहस्य!
संक्षेप में: श्री हनुमान चालीसा 16वीं शताब्दी में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 40 चौपाइयों और 3 दोहों का एक अत्यंत शक्तिशाली भक्ति स्तोत्र है। इसके नित्य पाठ से भय, संकट, रोग और ग्रह दोषों का निवारण होता है। सनातन धर्म में भगवान हनुमान जी को ‘कलयुग के जाग्रत देव’ …
Read More »Chalisa Kya Hai? चालीसा में 40 लाइनें ही क्यों होती हैं? जानिए इसका रहस्य और इतिहास!
संक्षेप में: चालीसा (Chalisa) का अर्थ 40 चौपाइयों में रचित भक्ति स्तुति है। इसकी शुरुआत 16वीं सदी में गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री हनुमान चालीसा से हुई थी। यह जनभाषा में रचित ईश्वर से जुड़ने का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है। सनातन परंपरा में देवी-देवताओं की उपासना के …
Read More »श्री सूर्य देव चालीसा (Surya Dev Chalisa): संपूर्ण पाठ, शब्दार्थ और भावार्थ
श्री सूर्य देव चालीसा (Shri Surya Dev Chalisa) सूर्य चालीसा क्या है? श्री सूर्य देव चालीसा भगवान सूर्यदेव की महिमा, तेज, प्रकाश और दिव्य स्वरूप का वर्णन करने वाला भक्तिपूर्ण पाठ है। इसमें सूर्यदेव के अनेक पावन नामों के साथ उनके रथ, सात अश्वों, सारथी अरुण और उनकी सर्वव्यापी प्रकाशमय …
Read More »श्री शनि चालीसा (Shani Chalisa) | संपूर्ण पाठ और सरल भावार्थ
शनि चालीसा क्या है? | What is Shani Chalisa? शनि चालीसा शनिदेव की स्तुति और भक्ति का एक प्रसिद्ध पाठ है। इसमें शनिदेव के विभिन्न नाम, उनके स्वरूप, महिमा और उनसे जुड़े पौराणिक प्रसंगों का वर्णन मिलता है। भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करके शनिदेव का स्मरण …
Read More »झूलेलाल जी की आरती | Jhulelal Ji Ki Aarti | ॐ जय दूलह देवा
॥ झूलेलाल जी की आरती ॥ ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली। दान वठन सभु दिलि, सां कोन दिठुभ खाली॥ ॐ जय दूलह देवा…॥ अंधड़नि खे दिनव, अखडियूँ – दुखियनि खे दारुं। पाए …
Read More »भगवान श्री गणेश जी की आरती – अर्थ सहित | Shri Ganesh Ji Ki Aarti
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ सरल भावार्थ: हे देवों के देव श्री गणेश जी, आपकी सदा ही जय-जयकार हो। आपकी माता साक्षात माता पार्वती हैं और आपके पिता देवाधिदेव महादेव शिव जी हैं। हम आपको बारंबार प्रणाम करते हैं। एक दंत दयावंत, चार …
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