Maa Skandamata Aarti: पंचम नवरात्र आरती, वात्सल्य व मोक्ष का रहस्य
शारदीय व चैत्र नवरात्रि का पांचवां पावन दिन ममता, करुणा और मोक्ष दायिनी शक्ति को समर्पित होता है। शास्त्रों के
शारदीय व चैत्र नवरात्रि का पांचवां पावन दिन ममता, करुणा और मोक्ष दायिनी शक्ति को समर्पित होता है। शास्त्रों के
शारदीय व चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन सृष्टि की आदि-शक्ति माँ कूष्माण्डा की आराधना का महापर्व है। शास्त्रों के अनुसार
शारदीय व चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन नवदुर्गा की तीसरी अलौकिक शक्ति को समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार नवदुर्गाओं
शारदीय व चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन माँ भगवती के घोर तपस्वी स्वरूप को समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार
शारदीय व चैत्र नवरात्रि के पावन उत्सव का शुभारंभ होते ही चारों ओर माँ की भक्ति की गूंज सुनाई देने
श्री केवड़ेश्वर महादेव (Kevdeshwar Mahadev) स्तुति मालवा अंचल के अत्यंत जाग्रत और प्राकृतिक सिद्ध तीर्थ ‘केवड़ेश्वर धाम’ में गूंजने वाली
जीवन की सभी अड़चनों को दूर करने और अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए सिद्धिविनायक आरती (Siddhivinayak) अत्यंत
सनातन धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य, अनुष्ठान या नित्य देव-पूजन का आरंभ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के पावन
सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या मांगलिक आयोजन की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के
सनातन परंपरा में देवाधिदेव महादेव की आराधना मन के भय, अशांति और तीनों प्रकार के संतापों को मिटाने वाली मानी