श्री गंगा मैया की आरती भारतीय सनातन संस्कृति में केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि मन, आत्मा और जीवन को पूरी तरह निर्मल कर देने वाली एक दिव्य पुकार है। जब भी हम गंगा घाटों पर जलते हुए दीपों और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच खड़े होते हैं, तो यह …
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श्री गंगा मैया की आरती भारतीय सनातन संस्कृति में केवल एक स्तुति नहीं, बल्कि मन, आत्मा और जीवन को पूरी तरह निर्मल कर देने वाली एक दिव्य पुकार है। जब भी हम गंगा घाटों पर जलते हुए दीपों और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच खड़े होते हैं, तो यह …
Read More »श्री गणेश चालीसा का नित्य पाठ करना हमारे जीवन की हर रुकावट, संकट और मानसिक अशांति को दूर करने का सबसे सरल और अचूक उपाय है। सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ और ‘विघ्नहर्ता’ का सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। चाहे कोई नया काम शुरू करना हो, नया …
Read More »तुलसी जी की आरती का नियमित पाठ करना घर-आंगन में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Vibes), सुख-समृद्धि और मानसिक शांति लाने का सबसे सरल और मंगलकारी उपाय है। सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक साधारण पौधा नहीं, बल्कि साक्षात माँ लक्ष्मी और भगवान श्री हरि विष्णु की परम प्रिय …
Read More »ललिता माता की आरती का पाठ करना जीवन के हर तरह के डर, नकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक उलझनों को दूर करने का एक बहुत ही सुंदर और सरल उपाय है। सनातन धर्म में दस महाविद्याओं में प्रमुख स्थान रखने वाली देवी माँ ललिता को ‘त्रिपुर सुंदरी’ और ‘राजराजेश्वरी’ भी कहा …
Read More »गायत्री माँ की आरती का नियमित पाठ करना हमारे अशांत मन को स्थिर करने और जीवन में सही फैसले लेने की समझ (सद्बुद्धि) पाने का सबसे सरल माध्यम है। सनातन संस्कृति में माँ गायत्री को ‘वेदमाता’ यानी ज्ञान, चेतना और सद्बुद्धि की जननी माना गया है। आज की भागदौड़ भरी …
Read More »गोवर्धन जी की पूजा (आरती) सिर्फ कोई सामान्य पूजा-पाठ या रस्म नहीं है, बल्कि प्रकृति (Environment), गाय माता और हमारा पेट भरने वाले पहाड़ों को सच्चे दिल से धन्यवाद (Thank You) कहने का बहुत ही प्यारा त्योहार है। जब हम दिवाली मनाते हैं, तो उसके ठीक अगले दिन यह पावन पर्व …
Read More »सनातन परंपरा में विष्णु भगवान की आरती केवल स्तुति गान नहीं, बल्कि क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन सृष्टि के परम आधार और पालनकर्ता श्री हरि के प्रति पूर्ण आत्मसमर्पण की यात्रा है। जगत् के नियामक और चराचर के रक्षक श्रीमन नारायण की यह स्तुति साधक के अंतर्मन में ज्ञान, वैराग्य और …
Read More »कलिकाल में जब भी भक्त और भगवान के अनन्य वात्सल्य की चर्चा होती है, राजस्थान के चूरू जिले में स्थित सिद्धपीठ श्री सालासर धाम (Salasar Balaji) का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। सामान्यतः हम पवनपुत्र हनुमान जी के बाल, वीर या दास स्वरूप का ध्यान करते हैं, परंतु सालासर …
Read More »सनातन परंपरा में “ॐ जय जगदीश हरे” (Om Jai Jagdish Hare) एक ऐसी सार्वभौमिक और कालजयी स्तुति है, जो हर हिंदू घर, मंदिर और धार्मिक अनुष्ठान में गाई जाती है। सत्यनारायण व्रत कथा हो, गुरुवार पूजन हो या दैनिक संध्या वंदन, यह आरती समस्त सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि …
Read More »आरती क्या है और यह कब व क्यों की जाती है? सनातन धर्म में किसी भी पूजा, व्रत, अनुष्ठान या संध्या वंदन का चरमोत्कर्ष सदैव आरती (Aarti) के साथ ही पूर्ण होता है। दीपक की पावन ज्योति, कर्पूर की सुगंध, शंख और घंटों के नाद के साथ जब भक्त अपने …
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