सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या मांगलिक आयोजन की शुरुआत प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के नमन से होती है। जब गणेशोत्सव या दैनिक पूजन में सुखकर्ता दुखहर्ता (Sukhkarta Dukhharta) मराठी आरती का गायन होता है, तो पूरा वातावरण एक विशेष आध्यात्मिक शांति और दिव्यता से …
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